जेल का दौरा: कैदियों के हक़, आयोग का कड़ा ध्यान

भारतजेल का दौरा: कैदियों के हक़, आयोग का कड़ा ध्यान

पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन ने नाभा जेल का किया दौरा, कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा के दिए निर्देश

चंडीगढ़: पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गरही ने सोमवार को नाभा की नई जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में बंद कैदियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और उनके मौलिक अधिकारों व गरिमा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चेयरमैन गरही की इस यात्रा में जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों का गहनता से मूल्यांकन किया गया। चेयरमैन गरही ने स्वयं कैदियों से मिलकर उनकी रहन-सहन की स्थितियों को समझने का प्रयास किया और उनकी समस्याओं व चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही, उन्होंने भोजन की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता के मानकों और अन्य कल्याणकारी उपायों सहित आवश्यक सेवाओं का भी विस्तृत मूल्यांकन किया।

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए चेयरमैन गरही ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत जेलों में सुधार और कैदियों के पुनर्वास के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की सभी जेलों का दौरा करने की उनकी योजना है, ताकि कैदियों को दी जा रही सुविधाओं और कल्याणकारी पहलों की बारीकी से समीक्षा की जा सके। नाभा जेल से इस राष्ट्रव्यापी प्रयास की शुरुआत की गई है।

निरीक्षण के दौरान, चेयरमैन गरही ने जेल अधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि जेल मैनुअल में बताए गए प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए सभी कैदियों को उनकी निर्धारित सुविधाएं और कानूनी अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैदियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जेल में बंद हर व्यक्ति की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करना सर्वोपरि है।

जेल अधीक्षक इंद्रजीत सिंह कहलों ने चेयरमैन गरही को जेल के संचालन तंत्र की विस्तृत जानकारी दी और कैदियों के लाभ के लिए वर्तमान में लागू की जा रही विभिन्न सुधारवादी और कल्याणकारी गतिविधियों पर प्रकाश डाला। मौजूदा प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए चेयरमैन गरही ने कहा कि जिन्होंने गलतियाँ की हैं, उन्हें समाज में पुनः एकीकृत करने और उनके व्यक्तिगत सुधार की सुविधा के लिए कानूनी ढांचे के भीतर उनके उचित हक दिए जाने चाहिए।

इस दौरे पर उप जेल अधीक्षक हरप्रीत सिंह राय, जिला सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण अधिकारी जसवीर कौर, तहसील कल्याण अधिकारी इनायत वालिया और तहसीलदार बलजीत सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस प्रक्रिया को देखा और आयोग के निरीक्षण प्रयासों का समर्थन किया।

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