कनाडा की ओर पलायन: ट्रम्प के अमेरिका से भगे प्रवासियों की मार्मिक दास्तां सुनाता क्यूबेक के उपन्यासकार का पहला उपन्यास
क्यूबेक में रहने वाले लेखक थेलीसोन ओरैलियन अपनी पहली ही कृति, उपन्यास “यह या मौत” (C’était ça ou mourir) से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बटोर रहे हैं। यह उपन्यास उन प्रवासियों के खतरनाक सफर को बेहद सजीवता से बयां करता है, जो खास तौर पर डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन वाले अमेरिका से जान बचाकर कनाडा में शरण लेने के लिए निकले हैं।
2026 में Éditions du Boréal द्वारा प्रकाशित यह उपन्यास, जोनास डॉर्लियन नाम के एक पात्र के इर्द-गिर्द घूमता है। जोनास हैती का एक इतिहास और भूगोल का शिक्षक है, जिसे अपने देश में बढ़ती हिंसा और असुरक्षा के कारण वहां से भागने पर मजबूर होना पड़ता है। अमेरिका से होते हुए कनाडा तक का उसका यह लंबी और मुश्किल यात्रा ही उपन्यास का मुख्य आधार है। यह निर्वासित जीवन, पलायन, डर, जीवित रहने की जद्दोजहद, पारिवारिक स्मृतियों और गरिमा के लिए इंसान की बुनियादी तलाश जैसे विषयों को गहराई से छूता है।
“द चिनाब टाइम्स” को मिली जानकारी के अनुसार, ओरैलियन, जो खुद हैती मूल के हैं और 2010 में अपने देश में आए विनाशकारी भूकंप के बाद क्यूबेक में बस गए थे, अपने लेखन में अपने निजी अनुभवों और हैती समुदाय के प्रवासियों के अनुभवों का समावेश करते हैं। उनकी रचनाएँ अक्सर दोहरी पहचान की जटिलताओं, अपनी मातृभूमि से गहरे जुड़ाव और क्यूबेक में एक नया घर पाने के गहरे प्रभाव को दर्शाती हैं।
“यह या मौत” सिर्फ एक काल्पनिक कहानी नहीं है, बल्कि यह वास्तविक घटनाओं और अमेरिका में रह रहे हैती नागरिकों के बीच बढ़ती चिंताओं का आईना है। 2026 की शुरुआत की रिपोर्टों ने संकेत दिया था कि अमेरिका में बड़ी संख्या में हैती प्रवासी, खासकर अपने अस्थायी संरक्षित स्थिति (TPS) की समय सीमा समाप्त होने के डर से, कनाडा जाने पर विचार कर रहे थे।
प्रवासियों की इस लहर ने कई लोगों को कड़ाके की सर्दी झेलते हुए, खतरनाक और अनधिकृत रास्तों से कनाडा में प्रवेश करने पर मजबूर किया, खासकर क्यूबेक में। 2025 की क्रिसमस की रात से ही क्यूबेक अधिकारियों ने ऐसे कई प्रवेशों की सूचना दी है। कुछ प्रवासियों को तो अतिशीतता (हाइपोथर्मिया) और पाला मारने (फ्रॉस्टबाइट) के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कनाडा सीमा सेवा एजेंसी ने बताया है कि ऐसे कई लोगों को तुरंत अमेरिका वापस भेज दिया गया। यह 2023 में कनाडा और अमेरिका के बीच “सुरक्षित तीसरा देश समझौता” (Safe Third Country Agreement) में किए गए बदलावों का परिणाम था। इस समझौते के तहत, शरण चाहने वालों को आम तौर पर उस पहले सुरक्षित देश में शरण का दावा करना होता है जहां वे पहुंचते हैं, जिससे उन लोगों के लिए सीधे कनाडा में शरण लेने का रास्ता बंद हो गया है जो अमेरिका से होकर गुजरे हैं।
हालांकि, इस समझौते में कुछ अपवाद भी हैं, जैसे कि कनाडा में करीबी पारिवारिक संबंध होना या अकेले नाबालिग होना, जो कुछ लोगों के लिए उम्मीद की किरण जगाते हैं। इसके अलावा, जो प्रवासी कनाडा में कम से कम 14 दिनों तक बिना पता चले रह पाते हैं, वे भी शरण के लिए आवेदन करने के पात्र हो सकते हैं। 2023 से पहले, रॉक्सहम रोड जैसे रास्ते शरण चाहने वालों के लिए कनाडा में प्रवेश के महत्वपूर्ण बिंदु थे, जिन्हें देश में रहते हुए अपने दावों पर कार्रवाई की अनुमति दी जाती थी।
ओरैलियन का उपन्यास अमेरिकी आव्रजन नीतियों पर भी प्रकाश डालता है, खासकर डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान अपनाई गई प्रवर्तन तकनीकों का जिक्र करता है। लेखकों ने साक्षात्कारों में बताया है कि पात्रों को जीवित रहने के लिए झूठ बोलने या दस्तावेज जाली बनाने के लिए मजबूर करने वाली हताशा एक कड़वी सच्चाई है। यह विषय उपन्यास के शीर्षक, “यह या मौत,” में सीधे तौर पर परिलक्षित होता है। यह उन चरम उपायों को उजागर करता है जिन पर लोग जीवन-मरण की परिस्थितियों का सामना करने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
इस उपन्यास को इसकी साहित्यिक गुणवत्ता और प्रवासियों के अनुभवों की सामयिक पड़ताल के लिए काफी प्रशंसा मिली है। आलोचकों ने ओरैलियन की “शानदार” गद्य शैली और पलायन की कच्ची, अक्सर क्रूर, वास्तविकता को गहरी मानवता के साथ व्यक्त करने की उनकी क्षमता की सराहना की है। इस पुस्तक को समकालीन साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है, जो विस्थापन के सामने पहचान, स्मृति और अपनेपन की जटिलताओं को संबोधित करती है।
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