दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से एक बड़े सेक्सटॉर्शन रैकेट के सरगना को दबोचा
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को राजस्थान के मेवात इलाके से गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन के ज़रिए लोगों को जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 25 वर्षीय अब्बास खान के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने एक 21 वर्षीय युवक को फंसाकर करीब ढाई लाख रुपये की ठगी की।
सूत्रों के मुताबिक, अब्बास खान मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है और पुलिस को शक है कि वह सेक्सटॉर्शन और धोखाधड़ी के कई मामलों में शामिल रहा है। दिल्ली पुलिस का मानना है कि वह एक बड़े साइबर क्राइम नेटवर्क का अहम हिस्सा है, जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाता है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब दिल्ली के एक रहने वाले व्यक्ति ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसे एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक महिला के नाम से दोस्ती का प्रस्ताव आया। बातचीत बढ़ने के बाद, जालसाज ने पीड़ित का मोबाइल नंबर लिया और फिर वीडियो कॉल के ज़रिए आपत्तिजनक हरकतें कीं। कॉल खत्म होते ही, पीड़ित को धमकी भरे मैसेज आने लगे कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। अपनी बदनामी के डर से पीड़ित ने कई बार में कुल 2.52 लाख रुपये आरोपी को ट्रांसफर कर दिए।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर 12 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने डिजिटल फोरेंसिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया अकाउंट्स, ऑनलाइन प्रोफाइल, डिजिटल फुटप्रिंट्स और पैसों के लेन-देन का विश्लेषण किया। इस जांच में पता चला कि आरोपी ने अपने गुनाहों को छिपाने और पैसों को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी बैंक खातों और पहचान का इस्तेमाल किया था।
पुलिस की टीम ने साइबर जाल बिछाते हुए आखिरकार आरोपी के लोकेशन का पता लगाया। राजस्थान पुलिस के सहयोग से अलवर जिले के एक गांव में छापा मारकर अब्बास खान को गिरफ्तार कर लिया गया।
शुरुआती पूछताछ में अब्बास खान ने अपने गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा किया। उसने बताया कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाते थे। फिर वीडियो कॉल के दौरान आपत्तिजनक हरकतें रिकॉर्ड कर लेते थे और उसी के ज़रिए ब्लैकमेल करके पैसे ऐंठते थे। पुलिस अभी भी इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने कितने लोगों को और कितना चूना लगाया है।
साइबर क्राइम यूनिट इस मामले की और गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके। पैसों के लेन-देन की पड़ताल और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान पर ज़ोर दिया जा रहा है। इस गिरफ्तारी को ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
