श्रीनगर में तायक्वोंडो का संगम, देश-विदेश से आए रंग!

जम्मू और कश्मीरश्रीनगर में तायक्वोंडो का संगम, देश-विदेश से आए रंग!

श्रीनगर में पहले पीटीएफ इंडिया ओपन इंटरनेशनल तायक्वोंडो चैंपियनशिप का आगाज

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सोमवार को पीटीएफ इंडिया ओपन इंटरनेशनल तायक्वोंडो चैंपियनशिप के पहले संस्करण का शानदार आगाज़ हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता ने भारत में पेशेवर तायक्वोंडो के विकास की दिशा में एक अहम कदम बढ़ा दिया है। इस आयोजन में भारत के अलावा छह अन्य देशों के 400 से अधिक तायक्वोंडो खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है।

‘द चेनाब टाइम्स’ को मिली जानकारी के अनुसार, शेर-ए-कश्मीर इंडोर स्टेडियम, श्रीनगर में इस चैंपियनशिप का विधिवत उद्घाटन हुआ। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुज़हत गुल ने हरी झंडी दिखाकर इस प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस मौके पर जाने-माने अभिनेता और निर्देशक मीर सरवर मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।

उद्घाटन समारोह में प्रोफेशनल तायक्वोंडो फेडरेशन के अध्यक्ष ग्रैंडमास्टर रिक डब्ल्यू. शिन, ग्रैंडमास्टर केविन वून, कोम्बैट केयर्स की अध्यक्ष सुश्री सेल्मा ली, ग्रैंडमास्टर ली वांग योंग और पीटीएफ इंडिया के अध्यक्ष ग्रैंडमास्टर अतुल पंगोत्रा के साथ-साथ कई वरिष्ठ खेल अधिकारी, कोच और खिलाड़ी भी उपस्थित थे।

अपने संबोधन में, नुज़हत गुल ने खिलाड़ियों और खेल के बुनियादी ढांचे के सुनियोजित विकास के माध्यम से भारत को एक वैश्विक खेल राष्ट्र बनाने की दिशा में देश की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ तालमेल बिठा रहा है और खेल परिषद प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन किया है।

गुल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि खेल युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेज़बानी से स्थानीय खिलाड़ियों को बहुमूल्य अनुभव मिलता है और साथ ही यह क्षेत्र खेल पर्यटन के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में भी उभरता है।

ग्रैंडमास्टर रिक डब्ल्यू. शिन ने इस चैंपियनशिप को भारत में पेशेवर तायक्वोंडो के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब भारतीय खिलाड़ियों को शौकिया प्रतियोगिताओं से परे एक समर्पित मंच मिल रहा है, जिससे उन्हें उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने, सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। शिन ने पूरे देश में खेल को बढ़ावा देने के लिए ग्रैंडमास्टर अतुल पंगोत्रा के समर्पण की सराहना की।

पीटीएफ इंडिया के अध्यक्ष और ग्रैंडमास्टर अतुल पंगोत्रा ने बताया कि कश्मीर को उसकी खेल क्षमता और ‘भारत का ताज’ होने के नाते प्रतियोगिता के स्थल के रूप में चुना गया है। उन्होंने पूरे देश में पेशेवर तायक्वोंडो का विस्तार करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के मार्ग प्रशस्त करने के फेडरेशन के उद्देश्य को रेखांकित किया।

मीर सरवर ने कश्मीर में एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन लाने के लिए आयोजकों की प्रशंसा की। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को अनुशासन और दृढ़ता के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया और युवा सशक्तिकरण व सामाजिक एकता में खेल की भूमिका को रेखांकित किया।

समारोह का एक अहम पल तब आया जब प्रोफेशनल तायक्वोंडो फेडरेशन द्वारा ग्रैंडमास्टर अतुल पंगोत्रा को 7वां डैन ब्लैक बेल्ट प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ, वे जम्मू-कश्मीर से इस रैंक को प्राप्त करने वाले पहले तायक्वोंडो ग्रैंडमास्टर बन गए। मीर सरवर को भी खेल, युवा जुड़ाव और सामाजिक विकास में उनके योगदान के लिए ब्लैक बेल्ट से सम्मानित किया गया।

उद्घाटन समारोह में खेल भावना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाती हुई तायक्वोंडो प्रदर्शन, खिलाड़ियों की परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं। देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ छह विदेशी देशों के खिलाड़ी विभिन्न आयु और भार वर्ग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

तीन दिवसीय इस चैंपियनशिप से भारत में पेशेवर तायक्वोंडो के बुनियादी ढांचे को मजबूत होने और उभरती प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। अगले दो दिनों तक प्रतियोगिताएं, प्रदर्शन और पदक समारोह जारी रहेंगे।

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