सांगली में मंदिर दीवार गिरी, तूफान में छह की मौत

भारतसांगली में मंदिर दीवार गिरी, तूफान में छह की मौत

महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक दुखद घटना में, तेज आंधी-तूफान के कारण एक मंदिर की दीवार गिरने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कम से कम 13 अन्य घायल हो गए। यह हादसा मंगलवार शाम को जत तालुका के मोतेवाडी गांव स्थित श्री मारगुबाई देवस्थान मंदिर परिसर में हुआ।

तूफान के बीच मंदिर की दीवार गिरी, छह की मौत

‘द चिनाब टाइम्स’ को मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शाम करीब 5 बजे हुई जब इलाके में तेज हवाएं चल रही थीं और भारी बारिश हो रही थी। श्रद्धालुओं की मौत तब हुई जब वे मंदिर के पास एक ढांचे में तूफान से बचने के लिए शरण लिए हुए थे। अचानक, मंदिर से सटा हुआ एक हिस्सा ढह गया और मलबे तले दबने से छह लोगों की जान चली गई।

मृतकों की पहचान

मरने वालों की पहचान संगीता रामगुंडा चौधरी (30), उनकी बहन मंगल भाऊसाहेब मोथे (32) और उनके पिता शंकर आबा लोखंडे (60) के रूप में हुई है। ये सभी जत तालुका के पांडुजारी गांव के रहने वाले थे। अन्य मृतकों में अरुण विष्णु गेजगे (14) और सोन्या लक्ष्मण गेजगे (14) शामिल हैं, जो पड़ोसी राज्य कर्नाटक के विजयपुरा जिले के निवासी थे। इसके अलावा, कोंडिबा रौबा गेजगे वैभव (65), जो जत के रहने वाले थे, की भी इस हादसे में जान चली गई।

हादसे के वक्त 300 से ज्यादा लोग थे मौजूद

सांगली जिला पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त मंदिर में बकरे की बलि चढ़ाने का अनुष्ठान चल रहा था, जिसमें 300 से अधिक लोग मौजूद थे। जो ढांचा गिरा, उसमें पत्थर की दीवार और टिन की छत थी, जिसे स्टील के एंगल से सहारा दिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह दीवार करीब सात साल पहले बनाई गई थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि दीवार को बिना मसाले के ‘चिरा’ ईंटों से बनाया गया था, जिससे यह खराब मौसम में कमजोर हो गई थी।

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “सांगली, महाराष्ट्र में दीवार गिरने से हुई मौतों के बारे में सुनकर अत्यंत दुख हुआ। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

तत्काल राहत कार्य शुरू

इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम तेजी से चला। घायलों को तत्काल नजदीक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई होगी, जो इस दुर्घटना का कारण बनी। मामले की जांच जारी है ताकि दीवार गिरने के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

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