शिमला की खूबसूरत वादियों में दौड़े 200 से ज़्यादा धावक, मैराथन ने दिखाया जोश
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला ने रविवार को एक अनूठे संगम का गवाह बनी, जहाँ देश भर से आए करीब 200 धावकों ने हिमालय की हसीन वादियों में अपनी दौड़ का दम दिखाया। ‘रन एंड थ्राइव फिटनेस’ द्वारा आयोजित ‘शिमला मश्तोबरा मैराथन’ में प्रतिभागियों ने एचआईपीए फेयरलॉन्स से बैखल्टी तक एक चुनौतीपूर्ण और बेहद मनोरम ट्रैक पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। इस दौड़ का नेतृत्व कुलदीप संधू ने किया, जिन्होंने धावकों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।
यह मैराथन तीन विभिन्न श्रेणियों में आयोजित की गई थी, जिससे हर स्तर के धावकों को अपनी क्षमता के अनुसार भाग लेने का मौका मिला। सबसे लंबी, 42 किलोमीटर की फुल मैराथन, उसके बाद 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन और फिर 10 किलोमीटर की छोटी दौड़ शामिल थी।
42 किलोमीटर की फुल मैराथन में जहाँ शिमला के कृष्ण राज रोकाय ने 2 घंटे, 58 मिनट और 11 सेकंड का बेहतरीन समय निकालकर पुरुष वर्ग में पहला स्थान हासिल किया, वहीं महिला वर्ग में नवण्या शर्मा ने 5 घंटे, 37 मिनट और 54 सेकंड का समय लेकर जीत दर्ज की।
हाफ मैराथन में, जतिन ने 1 घंटे, 15 मिनट और 52 सेकंड के समय के साथ पुरुष वर्ग में बाजी मारी। वहीं, निशा चाँदनानी ने 2 घंटे, 37 मिनट और 25 सेकंड का समय लेते हुए महिला वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
10 किलोमीटर की दौड़ में, अंशुल ने 36 मिनट और 26 सेकंड में रेस पूरी कर पुरुष वर्ग में जीत हासिल की। इस श्रेणी में महिला वर्ग की विजेता अनामिका रहीं, जिन्होंने 45 मिनट और 58 सेकंड में यह दूरी तय की।
दौड़ के बाद, विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रेडिएशन थेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष गुप्ता थे। इस आयोजन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे फिटनेस और प्राकृतिक सुंदरता का मेल लोगों को आकर्षित कर रहा है।
शिमला मश्तोबरा मैराथन हर साल आयोजित की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना और धावकों को एक अनूठी जगह पर अपनी क्षमता आजमाने का मंच प्रदान करना है। आयोजकों का कहना है कि इस साल की भागीदारी भारत में ‘ट्रेल रनिंग’ और ‘एंड्योरेंस स्पोर्ट्स’ की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। मश्तोबरा क्षेत्र की उबड़-खाबड़ ज़मीन और चढ़ाई कई अनुभवी धावकों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है।
‘रन एंड थ्राइव फिटनेस’ नामक संस्था, जो इस मैराथन का आयोजन करती है, देश भर में विभिन्न फिटनेस पहलों को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। शिमला में उनका प्रयास क्षेत्र की प्राकृतिक बनावट का उपयोग करके यादगार और चुनौतीपूर्ण खेल अनुभव बनाना है। एचआईपीए फेयरलॉन्स ने इस आयोजन के लिए एक सुलभ स्थान प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों और कर्मचारियों के लिए व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकी।
पूरे भारत से धावकों का आना इस बात का संकेत है कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं और शिमला को खेल पर्यटन के एक संभावित केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मैराथन का मार्ग सुंदर दृश्यों को प्रदर्शित करने के लिए सावधानीपूर्वक चुना गया था, जिसमें आसपास की घाटियों और पहाड़ियों के मनोरम दृश्य शामिल थे, जिसने धावकों के समग्र अनुभव को और बेहतर बनाया।
संक्षेप में, यह मैराथन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि इसने प्रतिभागियों को स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया। कई धावकों ने शिमला और इसके आसपास के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए अपना प्रवास बढ़ाया, जिससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिला। यह आयोजन अब स्थानीय कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, जो समुदाय के सदस्यों, एथलीटों और आयोजकों को फिटनेस और खेल के साझा उत्सव में एक साथ लाता है।
