हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के पहले चरण में वोटरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंगलवार को हुए मतदान में 73 फीसदी से ज़्यादा लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। खास बात यह रही कि महिलाओं ने पुरुषों से ज़्यादा वोट डालकर लोकतंत्र के इस महायज्ञ में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। राज्य के कई जिलों में भीषण गर्मी की चेतावनी के बावजूद मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, शाम 3 बजे तक 73.19 फीसदी योग्य मतदाताओं ने अपने वोट डाल दिए थे। उम्मीद है कि कुछ इलाकों में मतदान का समय खत्म होने के बाद भी लंबी कतारें लगी होने के कारण यह आंकड़ा और बढ़ेगा। आंकड़ों पर गौर करें तो महिला मतदाताओं का उत्साह पुरुषों से कहीं ज़्यादा दिखा। 76.26 फीसदी महिलाओं ने वोट डाला, जबकि 70.2 फीसदी पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कुल्लू जिले में सबसे ज़्यादा मतदान
मतदान प्रतिशत के मामले में कुल्लू जिला सबसे आगे रहा। यहां 82.44 फीसदी लोगों ने वोट डाला। इसके बाद सोलन का नंबर आया, जहां 78.59 फीसदी मतदान हुआ, वहीं ऊना में 77.25 फीसदी लोगों ने अपने वोट डाले। सिरमौर में 76.56 फीसदी, शिमला में 75.14 फीसदी और मंडी में 73.78 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। बिलासपुर में 71.22 फीसदी, कांगड़ा में 70.28 फीसदी और हमीरपुर में 69.93 फीसदी मतदान हुआ। लाहौल-स्पीति में 69.4 फीसदी, चंबा में 68.12 फीसदी और किन्नौर में 66.12 फीसदी लोगों ने वोट डाला।
राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, अनिल खाची ने बताया कि पूरे प्रदेश में मतदान सुचारू रूप से चला। उन्होंने मंडी जिले की एक ग्राम पंचायत के एक वार्ड में थोड़ी प्रक्रियात्मक दिक्कत का ज़िक्र किया, जहां एक उम्मीदवार का नाम मतपत्र से गायब होने के कारण दोबारा मतदान कराना पड़ सकता है। हालांकि, यह एक छोटी सी घटना थी जिसने चुनावों की समग्र शांतिपूर्ण प्रक्रिया पर कोई असर नहीं डाला।
113 साल की वृद्ध मतदाता ने जगाई प्रेरणा
चुनाव प्रक्रिया में एक अनोखा मानवीय पहलू तब जुड़ा जब बिलासपुर जिले के बरठीं गांव की 113 वर्षीय मंगली देवी ने विशेष रूप से तैयार किए गए ‘पिंक बूथ’ पर अपना वोट डाला। उनके परिवार के सदस्यों के साथ आने पर बिलासपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) और उपायुक्त, राहुल कुमार ने उनकी इस भागीदारी की सराहना की। उन्होंने मंगली देवी की उपस्थिति को एक प्रेरणा बताया और ‘लोकतंत्र के उत्सव’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए अन्य मतदाताओं को भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनावों के पहले चरण में 1,293 ग्राम पंचायतों के सदस्यों का चुनाव हुआ। ये चुनाव राज्य की जमीनी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद अहम हैं और स्थानीय शासन को सशक्त बनाते हैं। इन चुनावों का आयोजन यह भी दर्शाता है कि निर्वाचन आयोग, भीषण गर्मी जैसी चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थितियों के बीच भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और उन्हें आरामदायक मतदान का माहौल प्रदान करने के लिए ‘पिंक बूथ’ स्थापित किए गए थे। पहले चरण का शांतिपूर्ण समापन, आगामी चरणों के लिए एक सकारात्मक नज़ीर पेश करता है और राज्य के लोकतांत्रिक ताने-बाने को मज़बूत करता है।
