बरसे मेघ, पंजाब-हरियाणा की सूखी धरती पगी, जून तक जारी रहेगी बहार

भारतबरसे मेघ, पंजाब-हरियाणा की सूखी धरती पगी, जून तक जारी रहेगी बहार

पंजाब और हरियाणा में मौसम ने ली करवट: बारिश ने धोई मई की कमी, जून की शुरुआत तक जारी रहेगी बहार

उत्तर भारत के पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पिछले 24 घंटों में हुई झमाझम बारिश ने मई महीने के दौरान चले आ रहे सूखे की मार को काफी हद तक कम कर दिया है। इस मौसमी बदलाव के चलते इन इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है और मौसम विभाग ने 6 जून तक रुक-रुककर फुहारें पड़ने का अनुमान जताया है।

‘द चिनाब टाइम्स’ को मिली जानकारी के अनुसार, 29 मई तक जहाँ पंजाब में सामान्य से 37 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब मई की बारिश में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 31 मई को जारी एक बुलेटिन में बताया है कि पंजाब और हरियाणा में 6 जून तक लगातार बारिश का मौसम बना रहेगा, जिसमें कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बौछारों की संभावना है। हालाँकि, 2 जून से 4 जून के बीच मौसम के कुछ शुष्क रहने की भी अटकलें लगाई जा रही थीं।

हाल की इन मूसलाधार बारिशों ने पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश पहुँचाई है। कुछ इलाकों में तो गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान जैसी गतिविधियाँ भी देखी गईं। कई जगहों पर इस समय के हिसाब से सामान्य से काफी ज़्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मार्च से लेकर 31 मई तक, पंजाब में कुल 21.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो इस अवधि के लिए सामान्य 17.3 मिलीमीटर से अधिक है। कुल मिलाकर, मार्च की शुरुआत से अब तक राज्य में सामान्य से 22 प्रतिशत ज़्यादा बारिश हुई है।

पंजाब के जिलों की बात करें तो, पिछले 24 घंटों में नवांशहर में सबसे ज़्यादा 33.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लुधियाना में 25.7 मिलीमीटर और गुरदासपुर में 22.6 मिलीमीटर बारिश हुई। फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, पटियाला और रोपड़ सहित कई अन्य जिलों में 10 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई। मोगा एकमात्र ऐसा जिला रहा जहाँ इस दौरान बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई।

इन व्यापक बारिशों के बावजूद, पंजाब के सात जिले – पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, मानसा और मुक्तसर – में अभी भी मौसम की कुल बारिश सामान्य से कम है। इन जिलों में बारिश की कमी 9 प्रतिशत से लेकर 61 प्रतिशत तक बताई जा रही है।

हरियाणा में, पिछले 24 घंटों में पंचकुला सबसे ज़्यादा बारिश वाला जिला रहा, जहाँ 10.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कुरुक्षेत्र में 10.3 मिलीमीटर और करनाल में 10.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। वहीं, पलवल और चरखी दादरी में इस दौरान कोई बारिश नहीं हुई।

मई महीने में हरियाणा को कुल 20.8 मिलीमीटर बारिश मिली, जो इसके सामान्य 20.4 मिलीमीटर से महज़ दो प्रतिशत अधिक है। मार्च की शुरुआत से लेकर अब तक, राज्य में कुल 52.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य 45 मिलीमीटर है। इस तरह, पूरे मौसम में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।

हालांकि, हरियाणा के आठ जिले – यमुनानगर, सोनीपत, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, फरीदाबाद और अम्बाला – में पूरे मौसम के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई है। इन जिलों में कितनी कमी है, इसका विस्तृत ब्यौरा अभी उपलब्ध नहीं है।

इस मौजूदा मौसम के कारण दोनों राज्यों में तापमान में भी काफी गिरावट आई है। पंजाब में पिछले 24 घंटों में बठिंडा में सबसे ज़्यादा 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी बठिंडा में ही 18 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम रहा। हरियाणा में, हिसार में सबसे ज़्यादा अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं अम्बाला में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम रहा।

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