तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर: पहली बार हंग असेंबली, ‘तमिलगा वेट्टी कझगम’ सबसे बड़ी पार्टी
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। राज्य विधानसभा चुनावों में नवगठित पार्टी ‘तमिलगा वेट्टी कझगम’ (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, 108 सीटें जीतने के बावजूद TVK बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों के आंकड़े से चूक गई, जिसके चलते दशकों में पहली बार राज्य में हंग असेंबली की स्थिति पैदा हुई है। 5 मई, 2026 को घोषित चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीतिक चाल को पूरी तरह से बदल दिया है, और यह द्रविड़ पार्टियों – DMK और AIADMK – के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे के अंत का संकेत दे रहा है।
हंग असेंबली के बीच TVK ने हासिल की बड़ी बढ़त
अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली ‘तमिलगा वेट्टी कझगम’ (TVK) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर ऐतिहासिक छाप छोड़ी है। फिर भी, यह प्रदर्शन पार्टी को स्पष्ट बहुमत से 10 सीटें पीछे छोड़ देता है। इस चुनावी परिणाम ने एक स्थिर सरकार बनाने के लिए चुनाव बाद गठबंधन की राह खोल दी है। खबरों के मुताबिक, TVK आवश्यक समर्थन जुटाने के लिए वैचारिक रूप से समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ चर्चा कर रही है। पार्टी के मजबूत प्रदर्शन को, विशेष रूप से अपने पहले ही चुनाव में, राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा ‘ऐतिहासिक बदलाव’ बताया जा रहा है।
द्रविड़ दिग्गजों को लगा बड़ा झटका
लंबे समय से सत्ता पर काबिज द्रविड़ दल, द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) को 2026 के विधानसभा चुनावों में भारी झटका लगा है। निवर्तमान DMK, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कर रहे थे, ने 59 सीटें जीतीं, जबकि AIADMK ने 46 सीटें हासिल कीं। उल्लेखनीय है कि एम.के. स्टालिन ने अपनी पारंपरिक सीट, कोलाथुर, TVK के उम्मीदवार वी.एस. बाबू से गंवा दी। यह उन दोनों पार्टियों के लिए एक महत्वपूर्ण गिरावट है, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से राज्य में पांच दशकों से अधिक समय तक बारी-बारी से शासन किया है।
चुनाव बाद गठबंधन और सरकार गठन
हंग असेंबली के साथ, अब ध्यान एक स्थिर सरकार के गठन पर केंद्रित हो गया है। सबसे बड़ी अकेली पार्टी के रूप में, TVK से सरकार गठन की प्रक्रिया का नेतृत्व करने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि TVK कांग्रेस, CPI(M), CPI और विदुथलई चिरुथईगल कची (VCK) जैसी पार्टियों से समर्थन मांग रही है, जो पहले DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ रही हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के पास भी कुछ सीटें हैं, जो संभावित रूप से ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकती है। AIADMK, DMK के मुकाबले मुख्य विपक्षी दल की अपनी स्थिति खोने के बावजूद, गठबंधनों के लिए रास्ते तलाश सकती है।
चुनावी रुझान और मतदान प्रतिशत
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान हुआ, कई निर्वाचन क्षेत्रों में 85% से अधिक मतदान हुआ, जो पिछले चुनावों की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। इस उच्च मतदान को चुनावी सूचियों में हुए बदलावों के साथ मिलाकर विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि मतदाताओं की पूर्ण संख्या अपेक्षाकृत स्थिर रही, पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या में कमी ने कथित तौर पर मतदान प्रतिशत को बढ़ा दिया। इस चुनाव में क्षेत्रीय मतदान पैटर्न में भी एक उल्लेखनीय बदलाव देखा गया, जिसमें ग्रेटर चेन्नई क्षेत्र और उत्तरी तमिलनाडु ने नतीजों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभिनेता विजय की TVK का पदार्पण एक महत्वपूर्ण ‘डिसरप्टर’ के रूप में देखा जा रहा है, जो पारंपरिक पार्टी लाइनों में वोट शेयरों को प्रभावित कर सकता है।
राजनीतिक बदलाव की पृष्ठभूमि
2024 के लोकसभा चुनावों ने पहले ही तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में संभावित बदलाव का संकेत दे दिया था, जिसमें DMK के नेतृत्व वाले INDIA गुट ने अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में अपना दबदबा स्थापित कर लिया था। 2024 के आम चुनावों से कुछ समय पहले अभिनेता विजय की ‘तमिलगा वेट्टी कझगम’ (TVK) का उदय, हालांकि तब उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन स्थापित राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देने के अपने इरादे का संकेत दे दिया था। पार्टी का 2026 के विधानसभा चुनावों में लड़ने पर ध्यान केंद्रित करना राज्य की राजनीति में उसके पूर्ण प्रवेश को चिह्नित करता है। तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को ऐतिहासिक रूप से द्रविड़ आंदोलन ने परिभाषित किया है, जिसमें DMK और AIADMK प्रमुख शक्तियां रही हैं। हालांकि, 2026 के चुनावी नतीजे इस पारंपरिक द्वंद्व के संभावित
