नौ लाख पार, विदेश नौकरी का झांसा, सरगना दबोच!

तकनीकनौ लाख पार, विदेश नौकरी का झांसा, सरगना दबोच!

दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र से एक ऐसे ठग को दबोचा है, जिसने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली के एक शख्स से सवा नौ लाख रुपये की ठगी की थी। यह गिरफ्तारी एक हफ्ते तक चले तकनीकी निगरानी और कई छापों के बाद हुई है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम 37 वर्षीय अनूप धर्मोले है। उसे महाराष्ट्र के पनवेल के एक होटल से पकड़ा गया। पुलिस का मानना है कि यह ठगी के इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना था। यह शख्स अलग-अलग फर्जी नामों से काम कर रहा था और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने होटल बदलता रहता था।

ठगी का तरीका

यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के शालीमार बाग इलाके के एक पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि विदेश में नौकरी के लिए एक वेबसाइट पर आवेदन करने के बाद उससे सवा नौ लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क साधा था। उसने खुद को एक वीज़ा कंसल्टेंसी और ओवरसीज प्लेसमेंट सर्विस का प्रतिनिधि बताया। धीरे-धीरे उसने पीड़ित का भरोसा जीता और फिर वीज़ा प्रोसेसिंग, दस्तावेज़ीकरण और अन्य क्लीयरेंस के नाम पर उससे पैसे ऐंठता रहा।

इस मामले में 24 मार्च को ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल नंबर एक “म्यूल” (यानी किसी और के नाम पर) पहचान पर रजिस्टर था। वित्तीय लेन-देन और तकनीकी जानकारी का गहराई से विश्लेषण करने के बाद पुलिस धर्मोले तक पहुंची। पुलिस ने उसके पास से कुछ मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया है, जिनके बारे में माना जा रहा है कि उनका इस्तेमाल अपराध में किया गया था।

विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी का जाल

यह घटना विदेशों में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाने वाले सोफिस्टिकेटेड स्कैम का एक और उदाहरण है। इसी साल अप्रैल के आखिर में, दिल्ली पुलिस ने ऐसे ही एक अंतरराज्यीय फर्जी वीज़ा और ओवरसीज जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किया था। उस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने रूस, तुर्की और अज़रबैजान जैसे देशों में मोटी तनख्वाह वाली नौकरियों का लालच देकर सैकड़ों नौकरी चाहने वालों को ठगा था। यह सिंडिकेट “सबा एंटरप्राइजेज” नाम की एक फर्जी कंपनी के ज़रिए काम कर रहा था और सोशल मीडिया पर नौकरी के अवसर विज्ञापित करता था। पीड़ितों को ठगने के लिए फर्जी वीज़ा दस्तावेज़ और नकली हवाई टिकट जारी किए जाते थे।

इसी तरह, मार्च 2023 में दिल्ली पुलिस ने वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। उन ठगों ने पीड़ितों से लाखों रुपये ऐंठे थे, जिनमें से एक ने तो 9 लाख रुपये से ज़्यादा गंवा दिए थे। इस तरह की ठगी की शुरुआत अक्सर आकर्षक ऑनलाइन विज्ञापनों से होती है, जो पीड़ितों को ऐसी वेबसाइटों पर ले जाते हैं जहाँ उन्हें नौकरी दिलाने या किसी काम के बदले में पैसे जमा कराने के लिए कहा जाता है। विश्वास बनाने के लिए शुरुआत में छोटे-मोटे फायदे भी दिखाए जाते हैं, जिसके बाद बड़ी ठगी को अंजाम दिया जाता है।

इस तरह के घोटालों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, नौकरी की तलाश करने वालों के बीच सतर्कता बढ़ाना बहुत ज़रूरी है। अधिकारी लगातार जनता से सावधानी बरतने, भर्ती एजेंसियों और नियोक्ताओं के कागज़ात की अच्छी तरह से जांच करने और अनचाहे नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह देते हैं, खासकर जब वीज़ा या प्रोसेसिंग शुल्क के लिए अग्रिम भुगतान की मांग की जाती है। दिल्ली पुलिस इस मामले की आगे भी जांच कर रही है ताकि धर्मोले के नेटवर्क से जुड़े ज़्यादा से ज़्यादा पीड़ितों का पता लगाया जा सके और अगर कोई और साथी इसमें शामिल है, तो उसे भी पकड़ा जा सके।

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