यूपी में कहर, मौतों का आंकड़ा सौ पार: आसमानी आफत बेहाल

भारतयूपी में कहर, मौतों का आंकड़ा सौ पार: आसमानी आफत बेहाल

उत्तर प्रदेश में कहर बनकर टूटी आफत, तूफानी बारिश और बिजली गिरने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश इस वक्त एक भयानक मौसम की मार झेल रहा है। धूल भरे तूफान, मूसलाधार बारिश और कड़कड़ाती बिजली ने राज्य के कई जिलों में हाहाकार मचा दिया है। इस अप्रत्याशित मौसम के कारण अब तक कम से कम 111 लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं। इस आपदा ने न केवल जान-माल का भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि किसानों की खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गई हैं और पालतू पशुओं की भी जान गई है।

राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को राज्य के 26 जिलों में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने 111 लोगों की जान ले ली। इसके अलावा, 72 लोग घायल हुए हैं, 170 पशुओं की मौत हुई है और 227 घर तबाह हो गए हैं। नुकसान की भयावहता को देखते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। आपातकालीन टीमों, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को प्रभावित इलाकों में भेजा गया है ताकि मलबा हटाया जा सके और लोगों की मदद की जा सके।

सरकारी प्रतिक्रिया और राहत उपाय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के भीतर राहत सामग्री पहुंचाई जाए। साथ ही, जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान का आकलन करें और बिना किसी देरी के मुआवजा वितरित करें। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस बात पर जोर दिया है कि वरिष्ठ जिला अधिकारी व्यक्तिगत रूप से प्रभावित परिवारों से मिलें और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राहत आयुक्त कार्यालय लगातार जिला अधिकारियों से संपर्क में है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है, साथ ही प्रभावित जिलों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

राज्य सरकार ने फसलों, पशुओं और घरों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण भी शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों को फील्ड इंस्पेक्शन करने के आदेश दिए गए हैं और प्रभावित लोगों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि मुआवजे के वितरण, बचाव कार्यों और संबंधित अपडेट सोशल मीडिया पर साझा किए जाएं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।

कई जिलों में भारी तबाही

भदोही, प्रयागराज, फतेहपुर, बदायूं, चंदौली और सोनभद्र जैसे जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भदोही में बड़ी संख्या में मौतें दर्ज की गई हैं, कुछ रिपोर्टों के अनुसार वहां 16 लोगों की जान गई है। प्रयागराज में भी भारी नुकसान हुआ है, एक रिपोर्ट में जिले में 17 मौतों का जिक्र है। अचानक आए इन भयानक तूफानों और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसमें पेड़ उखड़ गए, दीवारें ढह गईं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे बचाव और राहत कार्यों में बाधा आई है। कुछ इलाकों में बिजली के खंभे और अन्य ढांचों के क्षतिग्रस्त होने से मोबाइल संचार सेवाएं भी बाधित हुई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। टिन की छतों को उड़ा ले जाया गया और पेड़ गिरने से और भी लोग हताहत हुए। अचानक आई इस आफत ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। खराब मौसम के कारण कई निवासी सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए। इस अप्रत्याशित बारिश और तूफान को क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मौसमी पैटर्न से जोड़ा जा रहा है।

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