जम्मू और कश्मीर के उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के हालिया बयानों को महज ‘दिन में सपने देखने’ और लोगों का ध्यान आकर्षित करने की नाकाम कोशिश करार दिया है।
सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ दो नए भवनों के उद्घाटन के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए चौधरी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से चुना है और केवल जनता के पास ही इसे हटाने का अधिकार है।
चौधरी ने कहा कि यह सरकार चुनी हुई है, मनोनित नहीं। उन्होंने भाजपा और पीडीपी के बीच चल रही राजनीतिक गहमागहमी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सब “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” देखने जैसा है। उनका इशारा था कि विपक्ष सरकार को अस्थिर करने के जो सपने देख रहा है, वह कभी पूरे नहीं होंगे।
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि उमर अब्दुल्ला की सरकार में जम्मू-कश्मीर के हर तबके के लोगों का प्रतिनिधित्व है, चाहे वह सीमावर्ती इलाके हों, पहाड़ी क्षेत्र हों, गांव हों या शहर। उन्होंने कहा कि जनता बेरोजगारी खत्म करने और सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की उम्मीद में इस सरकार को सत्ता में लाई है।
चौधरी ने दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को जम्मू-कश्मीर की जनता का स्पष्ट जनादेश मिला है और विपक्ष के पास इसे डगमगाने की ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता अपने बयानों से केवल मीडिया का ध्यान खींचना चाहते हैं, क्योंकि ऐसे बयानों से ही “ब्रेकिंग न्यूज” बनती है।
उन्होंने भाजपा और पीडीपी को “भाई-भाई” बताते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान समन्वित होते हैं। एक पार्टी एक दिन बयान देती है तो दूसरी अगले दिन, यह सब “पेड़ की डालियां तोड़ने” जैसा है।
चौधरी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं और नेताओं की वफादारी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में भी किसी ने पार्टी का दामन नहीं छोड़ा, तो अब सत्ता में आने के बाद भला कौन जाएगा। उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार के काम की सराहना करते हुए कहा कि महज अठारह महीनों में इतने सुधार और विकास कार्य हुए हैं, जो पिछली सरकारों ने लंबे कार्यकाल में भी नहीं किए।
सर्किट हाउस में नए भवनों के उद्घाटन का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली सरकारों में इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद ऐसे काम क्यों नहीं हुए। उन्होंने कहा कि कई सालों से अटके अस्पताल, पुल, सड़क, स्कूल और कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट अब पूरे हो रहे हैं। उन्होंने आलोचकों को इन लंबित परियोजनाओं को पूरा होते देखने की चुनौती दी।
कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए चौधरी ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा का जिक्र किया, जिससे जम्मू-कश्मीर की हजारों महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सुनील शर्मा, भाजपा और पीडीपी जैसी पार्टियां अपने कार्यकाल में ऐसी योजनाएं क्यों नहीं ला सकीं, और इस तरह मौजूदा सरकार की जनहितैषी मंशा पर ज़ोर दिया।
