दक्षिण दिल्ली के होटल में आग, एक पुलिसकर्मी की बहादुरी से बचीं दो विदेशी महिलाएँ
दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल, दिनेश यादव ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दक्षिण दिल्ली के एक जलते हुए होटल से दो नाइजीरियाई महिलाओं को बचाकर अदम्य साहस का परिचय दिया है। इस दौरान वह खुद भी घायल हो गए, उनके हाथों और पैरों पर गहरे घाव आए और टांके भी लगे। यादव ने उस भयानक अनुभव को साझा किया।
अफरा-तफरी के बीच जानलेवा बचाव कार्य
हेड कांस्टेबल दिनेश यादव मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर थे, तभी उन्हें होटल में आग लगने की सूचना मिली। वे फौरन अपनी मोटरसाइकिल से घटनास्थल की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में लोगों की भारी भीड़ ने उन्हें रोक दिया। आग की लपटें पहले ही पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले चुकी थीं और सामने से पहुंचना नामुमकिन था। ऐसे में यादव ने अपनी गाड़ी वहीं छोड़ दी और पैदल ही होटल की ओर भागे।
द चिनाब टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार, यादव ने देखा कि इमारत के किनारे एक छोटी सी बाथरूम की खिड़की से दो महिलाएं मदद के लिए इशारा कर रही थीं। वक्त की नजाकत को देखते हुए उन्होंने फौरन एक सीढ़ी मंगवाई और ऊपर चढ़ गए। पहले तो उन्होंने नंगे हाथों से शीशा तोड़ने की कोशिश की, जिसमें उनके हाथ घायल हो गए। तभी किसी ने उन्हें हथौड़ा दिया, जिससे उन्होंने शीशा तोड़कर रास्ता बनाया। इस प्रक्रिया में उनके हाथ और भी चोटिल हो गए।
खतरों से जूझकर बचाईं जिंदगियां
अपनी चोटों और जान के जोखिम के बावजूद, यादव उस टूटी हुई खिड़की से अंदर घुसे। बाथरूम में उन्हें दो नाइजीरियाई महिलाएँ मिलीं। उनमें से एक महिला बीमार थी और दूसरी उसकी देखभाल कर रही थी। धुएं से बचने के लिए दोनों महिलाओं ने शॉवर चला रखा था, लेकिन धुंआ कमरे में फैलने लगा था।
यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस महिला को, जो काफी भारी-भरकम बताई जा रही थी, उस संकरी खिड़की से बाहर निकालना था। यह घटना न केवल यादव के साहस को दर्शाती है, बल्कि उन स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों की बहादुरी को भी उजागर करती है जिन्होंने आग में फंसे लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। खबरों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने नीचे सड़क पर गद्दे बिछा दिए थे ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों को चोट न लगे। वहीं, यादव और अन्य पुलिसकर्मी खिड़कियों की ग्रिल काटकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित ‘फ्लॉरिश्ड बीएंडबी’ नामक होटल में लगी इस आग में कई लोगों की जान गई। शुरुआती खबरों के मुताबिक, मारे गए लोगों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। आग लगने के कारणों और होटल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। इस संबंध में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है और होटल के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है।
इस बचाव अभियान में पड़ोस के ग्यारह चचेरे भाई-बहन और दस दिल्ली पुलिसकर्मी सहित कई लोग शामिल थे। इनमें से कई पुलिसकर्मियों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हुईं। इन सबके सामूहिक प्रयासों ने एक बड़ी आपदा के सामने सामुदायिक भावना और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण पेश किया।
