दिल्ली में महंगाई का हल्ला बोल, कांग्रेस का केंद्र पर वार

भारतदिल्ली में महंगाई का हल्ला बोल, कांग्रेस का केंद्र पर वार

दिल्ली में कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पेट्रोल, डीजल और दूध की बढ़ती कीमतों के विरोध में शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के चप्पे-चप्पे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के एक दिन बाद हुआ।

‘द चिनाब टाइम्स’ को मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली कांग्रेस की सभी 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों ने मिलकर इन विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया। पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली भर में फैले पेट्रोल पंपों और दुग्ध विक्रेताओं के ठिकानों के बाहर जमा हुए। उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ नारे लिखे थे। कांग्रेस का आरोप है कि इन्हीं नीतियों की वजह से महंगाई बेतहाशा बढ़ रही है।

दिल्ली कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा, “मोदी सरकार की विफल नीतियों ने पेट्रोल, डीजल और दूध की कीमतों में आग लगा दी है।” पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि ईंधन और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के बढ़ते दाम आम आदमी की कमर तोड़ रहे हैं और महंगाई को और बढ़ा रहे हैं।

चांदनी चौक इलाके में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कुछ ऐसी तख्तियां उठा रखी थीं जिन पर लिखा था, “महंगा डीजल, महंगा तेल, मोदी सरकार हुई फेल” और “महंगे डीजल-पेट्रोल ने जनता को किया बेहाल”। इन नारों से साफ जाहिर हो रहा था कि जनता इस वक्त आर्थिक हालात से कितनी परेशान है।

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भलस्वा इलाके में दुग्ध बूथों के पास हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने सरकार से तुरंत कीमतों में हुई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की और कहा कि सरकार को जनता की परेशानी दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के तुरंत बाद सुनियोजित तरीके से यह मूल्य वृद्धि की है। उनका कहना है कि ऐसे समय में जब लोग पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, यह बढ़ोतरी उनकी मुश्किलें और बढ़ाएगी।

कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने कहा, “चुनाव खत्म होते ही भाजपा सरकार ने आम आदमी को पेट्रोल, डीजल और दूध की कीमतें बढ़ाकर एक बड़ा झटका दिया है।” पार्टी लगातार सरकार की आर्थिक नीतियों, खासकर महंगाई और जीवन यापन की लागत को लेकर आलोचना करती रही है।

शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी पिछले चार सालों में पहली बार हुई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब ईरान जैसे देशों में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।

कीमतों में बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 94.77 रुपये थी। इसी तरह, डीजल की कीमत भी बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 87.67 रुपये थी। यह आंकड़े उपभोक्ताओं पर मूल्य वृद्धि के सीधे प्रभाव को दर्शाते हैं, जिससे परिवहन लागत और ईंधन पर निर्भर वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी।

दिल्ली कांग्रेस द्वारा किए गए ये विरोध प्रदर्शन, महंगाई और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर चल रही राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को उजागर करते हैं। पार्टी का लक्ष्य जनता के असंतोष का फायदा उठाकर सरकार पर आवश्यक वस्तुओं की मूल्य निर्धारण रणनीतियों पर पुनर्विचार करने का दबाव बनाना है।

हमारा अन्य कंटेंट देखें।

अन्य टैग देखें:

सबसे लोकप्रिय लेख