नई दिल्ली: उत्तरी पश्चिमी दिल्ली के आजादपुर इलाके में एक 20 वर्षीय NEET (नीट) की तैयारी कर रही युवती की कथित आत्महत्या का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि युवती के परिवार ने पुलिस को सूचित किए बिना ही उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। यह घटना पुलिस की प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को इस घटना का खुलासा हुआ। युवती, जो कई सालों से नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी, अपने घर में मृत पाई गई। परिवार वालों ने आनन-फानन में शव को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिस दौरान पुलिस को इसकी जानकारी मिली।
घटना की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है।
“द चिनाब टाइम्स” को मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम को आदर्श नगर थाने में एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें बताया गया कि केवल पार्क श्मशान घाट में एक महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया है, वह भी बिना पुलिस को सूचित किए।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत श्मशान घाट भेजी गई। वहां शव की पहचान आजादपुर के लाल बाग निवासी एक युवती के तौर पर हुई। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि युवती ने उसी दिन अपने घर पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
परिवार से जब इस बारे में पूछताछ की गई, तो उनका कहना था कि उन्हें जरूरी कानूनी औपचारिकताओं की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि वे बिना किसी को सूचना दिए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना चाहते थे।
इस तरह के मामलों में मानक प्रक्रिया के तहत, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
युवती के आजादपुर स्थित घर पर भी फोरेंसिक टीम ने दौरा किया। उन्होंने कथित आत्महत्या स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और कुछ संभावित सबूत भी जुटाए हैं, जो इस मामले की जांच में मददगार साबित हो सकते हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब नीट परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पहले से ही चर्चाओं और जांच का माहौल बना हुआ है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने हाल ही में 3 मई को आयोजित NEET (अंडरग्रेजुएट) परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था। इस परीक्षा का पुन: आयोजन 21 जून को होना है, जिसका असर देशभर के लाखों परीक्षार्थियों पर पड़ रहा है।
भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव एक जानी-मानी चिंता का विषय है। कई छात्र सालों तक इनकी तैयारी में जुटे रहते हैं। ऐसे में, परीक्षार्थियों के बीच अत्यधिक तनाव और निराशा की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिसने शिक्षा प्रणाली में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है और हर संभव पहलू की पड़ताल कर रही है ताकि युवती की मौत और उसके बाद परिवार के कार्यों के पीछे की पूरी कड़ियों को समझा जा सके। यह मामला आत्महत्या से जुड़ी जांच की संवेदनशीलता और स्थापित प्रोटोकॉल का पालन करने के महत्व को रेखांकित करता है, भले ही ऐसे दुखद क्षणों में लोग शोक और तनाव में हों।
