नई दिल्ली: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने जिला स्तर पर आर्थिक उत्पादकता के आकलन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत काम करने वाले NSO की यह पहल देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक समान ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से की गई है। इसका लक्ष्य 2022-23 के संशोधित आधार वर्ष के साथ, राज्य-स्तरीय डेटा की तुलनात्मकता और एकरूपता सुनिश्चित करना है।
सूत्रों के अनुसार, इन अंतिम दिशा-निर्देशों को विभिन्न हितधारकों, जिनमें राज्य सरकारें, शैक्षणिक संस्थान और शोधकर्ता शामिल हैं, के साथ विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया है। इस दस्तावेज़ में सकल जिला घरेलू उत्पाद (GDDP), शुद्ध जिला घरेलू उत्पाद (NDDP) और जिला स्तर पर प्रति व्यक्ति आय की गणना के लिए अवधारणाओं, डेटा स्रोतों, आकलन प्रक्रियाओं और कार्यप्रणालियों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
नए दिशा-निर्देशों का मुख्य जोर जिला-स्तरीय डेटा की उपलब्धता होने पर ‘बॉटम-अप’ यानी नीचे से ऊपर की ओर आकलन पद्धति को बढ़ावा देना है। जिन क्षेत्रों में ज़मीनी स्तर की जिला-वार जानकारी उपलब्ध नहीं है, वहाँ NSO ‘टॉप-डाउन’ यानी ऊपर से नीचे की ओर की विधियों और उपयुक्त आवंटन संकेतकों का उपयोग करने की सलाह देता है, ताकि जिला-स्तरीय अनुमानों में निरंतरता बनी रहे।
वर्तमान में, 26 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जिला घरेलू उत्पाद का आकलन कर रहे हैं। MoSPI शेष सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन मानकीकृत प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सक्रिय रूप से प्रयासरत है। इन दिशा-निर्देशों के लागू होने से जिला-स्तरीय आर्थिक आंकड़े तैयार करने के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूती मिलने और पूरे देश में आकलन प्रक्रियाओं में सामंजस्य स्थापित होने की उम्मीद है।
विश्वसनीय और तुलनीय जिला घरेलू उत्पाद के अनुमानों की उपलब्धता को विकेन्द्रीकृत योजना बनाने, साक्ष्य-आधारित नीतियों का निर्माण करने, क्षेत्रीय विकास के विश्लेषण करने और जिला स्तर पर सूचित निर्णय लेने में सहायक माना जा रहा है। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मजबूत जिला-स्तरीय आर्थिक मूल्यांकन तैयार करने के लिए उनके डेटा प्रणालियों और सांख्यिकीय क्षमताओं को बढ़ाने में भी मदद करना है।
NSO ने सबसे पहले 7 अप्रैल 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर मसौदा दिशा-निर्देश प्रकाशित किए थे, जिसमें हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी गई थी। इसके बाद प्राप्त सुझावों की समीक्षा और उन्हें शामिल करने के बाद अंतिम दस्तावेज़ जारी किया गया है, जो अब MoSPI की वेबसाइट पर उपलब्ध है। NSO का यह कदम उप-राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक डेटा की गुणवत्ता और तुलनात्मकता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पूरे भारत में प्रभावी शासन और विकास पहलों के लिए आवश्यक है।
NSO, जो देश में सांख्यिकीय गतिविधियों के लिए नोडल एजेंसी है, विभिन्न प्रकार के सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों को एकत्र करने, संकलित करने और प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला घरेलू उत्पाद स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधि का एक प्रमुख संकेतक है, और क्षेत्रीय आर्थिक असमानताओं को समझने तथा लक्षित विकास रणनीतियों को तैयार करने के लिए मानकीकृत आकलन प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं। नए आधार वर्ष की शुरुआत यह भी सुनिश्चित करती है कि अनुमान वर्तमान आर्थिक संरचना को अधिक सटीकता से दर्शाते हैं।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, अपने जनादेश के तहत, आधिकारिक आंकड़ों की गुणवत्ता और दायरे को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करता है। जिला-स्तरीय डेटा पर जोर सरकार के जमीनी स्तर पर विकास पर ध्यान केंद्रित करने और यह सुनिश्चित करने के अनुरूप है कि आर्थिक प्रगति समावेशी हो। एक स्पष्ट और समान कार्यप्रणाली प्रदान करके, NSO का उद्देश्य जिला प्रशासनों को स्थानीय आर्थिक विकास की योजना बनाने और निगरानी के लिए बेहतर डेटा से सशक्त बनाना है।
