बरेली में तूफ़ानी कहर: 4 मरे, 50 फ़ीट उड़ा आदमी

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उत्तर प्रदेश के <a href="/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6/" title="गोरखनाथ के नाम, उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक गलियारे का प्लान”>बरेली जिले में आए भयंकर तूफान ने कहर बरपाया है। इस तूफान की वजह से जहाँ एक व्यक्ति लगभग 50 फीट हवा में उड़ गया, वहीं कम से कम चार लोगों की जान चली गई। यह घटना बुधवार को हुई, और सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें इस व्यक्ति को टिन की छत के साथ उड़ते हुए देखा जा सकता है। वीडियो की भयावहता के कारण शुरू में कई लोगों को इस पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा था।

‘द चिनाब टाइम्स’ को मिली जानकारी के अनुसार, तूफ़ान की चपेट में आए व्यक्ति की पहचान नन्हे मियां के तौर पर हुई है। वह बमियाना गांव के रहने वाले हैं और ई-रिक्शा चलाते हैं। इस हादसे में उनके हाथ और पैर सहित कई जगह चोटें आई हैं। 50 वर्षीय नन्हे मियां ने बताया कि वह एक शादी घर से कुछ सामान लेने गए थे, तभी तूफान भयानक रूप ले चुका था। उन्होंने बताया कि हवा इतनी तेज़ थी कि टिन की शेड से ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ें आ रही थीं। शेड के उड़ जाने के डर से उन्होंने उसे पकड़े रखी रस्सी को कसकर थाम लिया। तभी हवा का एक ऐसा ज़ोरदार झोंका आया कि वह शेड सहित हवा में उड़ गए। करीब 50 फीट ऊपर उड़ने के बाद, तूफान थमने पर वह नीचे ज़मीन पर गिरे।

बरेली पुलिस ने एक बयान जारी कर पुष्टि की है कि नन्हे मियां बमियाना स्थित शादी घर के अंदर ही थे, जब तेज़ हवाओं और बारिश ने ढाँचे की टिन की छत को उड़ा दिया। नन्हे मियां, जो अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहते हैं, सिर, पीठ, हाथ और पैरों में लगी चोटों से उबर रहे हैं।

पूरे उत्तर प्रदेश में बुधवार को मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया। राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, तूफान और बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 89 लोगों की मौत हुई है और करीब 50 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में मवेशी भी मारे गए और राज्य के विभिन्न हिस्सों में घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। अकेले बरेली जिले में, बुधवार को सुबह 8:30 बजे से रात 11:30 बजे के बीच चार लोगों की जान गई। आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, नौ मवेशियों की मौत हुई और लगभग 30 घरों को काफी नुकसान हुआ।

बरेली से गुज़रने वाली इन प्रतिकूल मौसम की स्थितियों ने न केवल जान-माल का नुकसान पहुंचाया, बल्कि व्यापक तबाही भी मचाई। नन्हे मियां से जुड़ा मामला हवाओं की प्रचंडता को दर्शाता है, जो भारी वस्तुओं और यहां तक कि इंसानों को भी हवा में उड़ाने में सक्षम थीं। स्थानीय अधिकारी प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। जिला अधिकारियों द्वारा घरों और सार्वजनिक सुविधाओं सहित बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन अभी भी जारी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और घायल या विस्थापित हुए लोगों की सहायता के लिए उपायों की शुरुआत की है। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार राहत पैकेज और मुआवज़ा वितरित किया जा रहा है। पूरे राज्य में आपातकालीन सेवाओं को इस व्यापक प्रभाव से निपटने के लिए तैनात किया गया है। रिपोर्टों से पता चलता है कि कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे तेज़ हवाओं के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बाढ़ भी आ गई।

मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों, जिनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है, में गंभीर मौसम की चेतावनी जारी की थी, जिसमें तेज़ हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई थी। हालांकि, बरेली में तूफान की तीव्रता शुरुआती अनुमानों से कहीं अधिक निकली, जिससे दुखद जनहानि और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। चोटों और मौतों का कारण बनने वाली संरचनात्मक विफलताओं के सटीक कारणों की जांच चल रही है, जिसमें भवन निर्माण नियमों और अत्यंत खराब मौसम का कमजोर ढांचों पर पड़ने वाले प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

इन तूफानों का प्रभाव समुदायों की चरम मौसम की घटनाओं के प्रति भेद्यता को रेखांकित करता है, विशेष रूप से वे लोग जो कमज़ोर ढांचों वाले घरों में रहते हैं। भविष्य के जोखिमों को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की सामूहिक प्रतिक्रिया का उद्देश्य पूरे उत्तर प्रदेश में गंभीर मौसम से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान करना है।

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