जालंधर धमाका: टैक्सी ड्राइवर गिरफ्तार, पाक कनेक्शन की तलाश।

जम्मू और कश्मीरजालंधर धमाका: टैक्सी ड्राइवर गिरफ्तार, पाक कनेक्शन की तलाश।

जालंधर के बीएसएफ मुख्यालय के पास हुए आईईडी धमाके के मामले में पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दिल्ली पुलिस के विशेष सेल के साथ मिलकर पंजाब पुलिस ने इस सिलसिले में ज़ीरकपुर के रहने वाले टैक्सी ड्राइवर उमर दीन को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, उमर दीन कुछ महीनों से जालंधर में रह रहा था और उस पर विस्फोटक उपकरण को स्कूटर में छिपाकर लगाने का शक है।

यह धमाका 5 मई की शाम को हुआ था। खबर है कि उमर दीन ने घटना से दो दिन पहले ही निशाना वाली जगह की रेकी की थी। इसी रात को अमृतसर के खासा आर्मी कैंटोनमेंट के पास भी एक कम तीव्रता वाला धमाका हुआ था।

दिल्ली पुलिस द्वारा जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती जांच के अनुसार, उमर दीन जालंधर बस स्टैंड से बस पकड़कर दिल्ली पहुंचा था, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब इस घटना में शामिल अन्य लोगों के साथ उसके संबंधों का पता लगाने में जुटी है और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही है।

जांच एजेंसियों को इस बात का भी अंदेशा है कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान आधारित गैंगस्टर और खुफिया एजेंसियों का हाथ हो सकता है। हालांकि, पुलिस इस मामले में खुलकर कुछ भी कहने से कतरा रही है, लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है कि सुरक्षा एजेंसियों ने इन दोहरे धमाकों के संबंध में एक दर्जन से ज़्यादा संदिग्धों से पूछताछ की है।

जांच में एक और कड़ी जुड़ गई है, क्योंकि एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनिल शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये गिरफ्तारियां किसी बड़ी और जटिल साजिश का हिस्सा हैं। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि दोनों हमलों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (IEDs) का इस्तेमाल किया गया था।

बताया जा रहा है कि खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी ली है। हालांकि, डीजीपी ने पहले भी यह कहा है कि ऐसे संगठन अक्सर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) द्वारा क्षेत्र को अस्थिर करने और पंजाब को एक संवेदनशील राज्य के रूप में पेश करने के उद्देश्य से बनाए गए प्रॉक्सी फ्रंट होते हैं।

जालंधर में यह धमाका शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ मुख्यालय के मुख्य द्वार के पास हुआ था। खासा आर्मी कैंटोनमेंट के पास हुए दूसरे धमाके ने इस इलाके में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया था।

उमर दीन की गिरफ्तारी इन घटनाओं के पीछे के नेटवर्क को सुलझाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। चल रही जांच का मकसद पूरी कमांड चेन, लॉजिस्टिक सपोर्ट और अंतिम दोषियों का पता लगाना है, जिसमें पंजाब में आतंकवाद के कथित बाहरी राज्य प्रायोजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और पुलिस गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों और उनके कथित हैंडलर्स के बीच ठोस संबंध स्थापित करेगी, वैसे-वैसे और भी जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। पंजाब पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच यह तालमेल इन सुरक्षा खतरों से गंभीरता से निपटने का संकेत देता है।

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