मालदीव में गुफा डुबकी, पांच इतालवी पर्यटकों का दुखद अंत

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मालदीव में गुफा गोताखोरी का दुखद हादसा, पांच इतालवी पर्यटकों की मौत

मालदीव में एक बेहद दर्दनाक हादसे में पांच इतालवी पर्यटकों की मौत हो गई है। यह घटना वावु एटोल (Vaavu Atoll) में हुई, जो अपनी खूबसूरत पानी के नीचे की गुफाओं के लिए मशहूर है। ये पर्यटक करीब 50 मीटर की गहराई में गुफाओं की खोजबीन कर रहे थे, तभी यह दुखद हादसा हो गया।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह मालदीव के इतिहास में गोताखोरी से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा एकल हादसा बताया जा रहा है। पांचों पर्यटक सुबह के समय अलीमथाा द्वीप (Alimathaa Island) के पास गोताखोरी के लिए निकले थे, लेकिन वे वापस सतह पर नहीं आ सके। मालदीव की राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) ने तुरंत तलाशी अभियान चलाया। एक पर्यटक का शव गुफा के अंदर से बरामद हुआ, जबकि बाकी चार के भी उसी गुफा परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिसकी गहराई करीब 60 मीटर तक जाती है।

मृतकों की पहचान इटली के मीडिया द्वारा की गई है। इनमें जेनोआ विश्वविद्यालय (University of Genoa) की 51 वर्षीय समुद्री जीवविज्ञानी प्रोफेसर मोनिका मोंटेफेल्कोन (Monica Montefalcone) और उनकी 20 वर्षीय बेटी जियोर्जिया सोम्माकल (Giorgia Sommacal) शामिल हैं। अन्य मृतकों में ट्यूरिन की मुरियल ओडेनो (Muriel Oddenino), पाडुआ के जियानलुका बेनेडेटी (Gianluca Benedetti) और बोर्गोमानेरो के फेडेरिको गुआल्टेरी (Federico Gualtieri) शामिल हैं। प्रोफेसर मोंटेफेल्कोन मालदीव में समुद्री पारिस्थितिकी (marine ecology) पर अपने काम के लिए जानी जाती थीं। बेनेडेटी गोताखोरी प्रशिक्षक और नौका कप्तान के तौर पर काम करते थे। यह समूह ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ (Duke of York) नामक एक लग्जरी गोताखोरी जहाज पर सवार था।

मालदीव, हिंद महासागर में मूंगे के द्वीपों का एक समूह है और यह पर्यटन, खासकर गोताखोरी के लिए एक प्रमुख स्थल है। हालांकि, इस घटना ने अत्यधिक पर्यटन और गहरे समुद्र की खोज से जुड़े जोखिमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दुखद घटना का कारण ऑक्सीजन विषाक्तता (oxygen toxicity) हो सकता है, जो अत्यधिक दबाव में सांस लेने वाली गैसों के मिश्रण के साथ गहरी गोताखोरी के दौरान हो सकता है।

घटना के समय गोताखोरी स्थल पर मौसम भी खराब बताया जा रहा है। हवा की रफ्तार 25 से 30 मील प्रति घंटा तक थी। ऐसे में एक पीला मौसम अलर्ट (yellow weather alert) भी जारी किया गया था, जिसने नौका संचालन और मछली पकड़ने को प्रभावित किया था। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि मौत का कोई आधिकारिक कारण अभी तक पता नहीं चला है।

इटली के विदेश मंत्रालय ने इन मौतों की पुष्टि की है और कहा है कि कोलंबो, श्रीलंका में स्थित इतालवी दूतावास पीड़ितों के परिवारों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। जेनोआ विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर मोंटेफेल्कोन और उनके साथियों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के वर्षों में मालदीव में गोताखोरी और स्नॉर्कलिंग से जुड़ी घटनाओं में कई पर्यटकों की जान गई है। इन जोखिमों के बावजूद, वावु एटोल गोताखोरों के लिए एक लोकप्रिय स्थान बना हुआ है, जो तेज धाराओं द्वारा आकर्षित समुद्री जीवन, जैसे शार्क और मंटा किरणों को देखने आते हैं।

गुफा प्रणाली की जटिलता और खराब मौसम की स्थिति ने शवों को निकालने के प्रयासों को और अधिक कठिन बना दिया है। मालदीव के पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री ने आश्वासन दिया है कि तटरक्षक बल और संबंधित अधिकारी तलाशी और बचाव अभियान में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। मंत्रालय और पर्यटन उद्योग भी हर संभव मदद कर रहे हैं।

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