जम्मू-कश्मीर में बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल, वैश्विक मानकों वाली स्कूलों की स्थापना पर ज़ोर
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। देश की अग्रणी कंसल्टेंसी फर्म, इरोकॉन (Erocon), अब केंद्र शासित प्रदेश में ऐसे स्कूल खोलने की दिशा में काम करेगी जो वैश्विक स्तर के हों और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित हों। यह पहल क्षेत्र के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की जा रही है।
इस महत्वपूर्ण योजना के तहत, इरोकॉन रविवार, 24 मई, 2026 को दोपहर 10 बजे श्रीनगर के सरवर पोर्टिको (Sarovar Portico), न्यू एयरपोर्ट रोड, हम्मामा में एक विशेष सत्र का आयोजन करेगी। इस सत्र में इरोकॉन के प्रबंध निदेशक, श्री शिराज किरमानी, सीनियर कंसल्टेंट श्री अनिरबन बसुराय और प्रधान वास्तुकार श्री अब्दुल अजीम, इस पहल के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
इरोकॉन को के-12 (K-12) शिक्षा क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के उद्यमियों, संस्थानों और निवेशकों को ऐसे प्रगतिशील शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो आज की तेजी से बदलती दुनिया के लिए बच्चों को तैयार कर सकें।
इन स्कूलों का ध्यान उन गतिविधियों पर रहेगा जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक का समावेश हो। साथ ही, नवाचार को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्राथमिकता दी जाएगी। खेलकूद और स्वास्थ्य को भी महत्व दिया जाएगा, और बच्चों के कौशलों को उनके करियर की ज़रूरतों से जोड़ा जाएगा। इन संस्थानों का लक्ष्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि बच्चों के रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, उद्यमिता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आलोचनात्मक सोच और तकनीकी अनुकूलनशीलता जैसे गुणों का भी विकास करना होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में अभिभावकों की अपेक्षाएं भी अब उच्च शिक्षा मानकों की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे में, जम्मू-कश्मीर को प्रीमियम स्कूली ढांचे और दीर्घकालिक शैक्षिक निवेश के लिए एक उभरता हुआ क्षेत्र माना जा रहा है।
इरोकॉन के प्रबंध निदेशक, श्री शिराज किरमानी का कहना है कि आज के स्कूलों को बच्चों को केवल परीक्षाओं के लिए ही नहीं, बल्कि नेतृत्व, नवाचार, जीवन कौशल और भविष्य के वैश्विक कार्यबल के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दूरदर्शी उद्यमियों और संस्थानों को ऐसे स्कूल बनाने में मार्गदर्शन देना है जो वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक, तकनीकी रूप से प्रगतिशील और बाल विकास के प्रति समर्पित हों।
यह फर्म स्कूल प्रमोटरों, व्यापार समूहों और अन्य हितधारकों के साथ स्कूल की व्यवहार्यता, शैक्षिक योजना, अवसंरचना रणनीति, अनुपालन, निवेश संरचनाओं और प्रीमियम के-12 संस्थानों के लिए स्थायी संचालन मॉडल पर चर्चा करेगी।
इरोकॉन ने अब तक भारत के 24 राज्यों और कई अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में 1,076 से अधिक स्कूलों को सलाह दी है। यह सीबीएससी (CBSE), आईसीएसई (ICSE), आईबी (IB) और आईजीसीएसई (IGCSE) संस्थानों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन, स्कूल सलाहकार, अकादमिक योजना, वास्तुकला, ब्रांडिंग, निर्माण प्रबंधन और परिचालन रणनीति सहित एंड-टू-एंड सेवाएं प्रदान करती है।
इरोकॉन का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में शैक्षिक ढांचे को मजबूत करने से युवाओं का सशक्तिकरण होगा, रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान मिलेगा।
