मुंबई एयरपोर्ट पर हड़ताल, यात्रियों का बुरा हाल, उड़ानें बेहाल।

दुनियामुंबई एयरपोर्ट पर हड़ताल, यात्रियों का बुरा हाल, उड़ानें बेहाल।

मुंबई हवाई अड्डे पर हंगामे की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार को यहां के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अस्थायी ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल ने पूरे संचालन को अस्त-व्यस्त कर दिया। इस वजह से एयर इंडिया की कई उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्री फंसे रह गए। हैदराबाद से आई एयर इंडिया की एक फ्लाइट के उतरने के तुरंत बाद उसे ग्राउंड कर दिया गया, जिससे यात्रियों को विमान के अंदर देर तक इंतजार करना पड़ा और सामान मिलने में भी देरी हुई।

ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल से मची अफरा-तफरी

सरकारी ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी एआई एयरपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएएसएल) के कर्मचारियों की इस औद्योगिक कार्रवाई ने मुंबई हवाई अड्डे पर कामकाज को लगभग ठप कर दिया। एआईएएसएल एयर इंडिया ग्रुप की एयरलाइंस, जैसे एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस, के साथ-साथ फ्लाईदुबई, सऊदी, ओमान एयर और सलामएयर जैसी कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को भी ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं प्रदान करती है। इस हड़ताल से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान उत्पन्न हुआ।

एयर इंडिया ने इस स्थिति को स्वीकार करते हुए एक बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि “मुंबई हवाई अड्डे पर तीसरे पक्ष की ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी के कर्मचारियों की इस औद्योगिक कार्रवाई का एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया के संचालन पर असर पड़ रहा है।” एयरलाइन के प्रवक्ता ने आगे कहा, “हमारे एयरपोर्ट दल सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और जल्द से जल्द सामान्य परिचालन बहाल किया जा सके।” हालांकि एयरलाइन ने प्रभावित उड़ानों की संख्या नहीं बताई, लेकिन रिपोर्टों में देरी और रद्द होने की खबरें सामने आईं।

हड़ताल का समाधान और आश्वासन

मिली जानकारी के अनुसार, एआईएएसएल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को उनकी मांगों, मुख्य रूप से वेतन वृद्धि और अन्य सेवा-संबंधी मुद्दों को हल करने के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। एआईएएसएल के सीईओ राम बाबू ने पुष्टि की कि प्रबंधन से आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने काम फिर से शुरू कर दिया है। राम बाबू ने कहा, “कुछ कर्मचारियों द्वारा एक मूक प्रदर्शन किया गया था, और हमने उनसे चर्चा के लिए उनकी मांगों को लिखित रूप में देने का अनुरोध किया था। वे इतने उदार थे कि वापस जाकर काम पर लौट आए।” उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी कंपनी की नीतियों के अनुरूप कर्मचारियों के अनुरोधों की समीक्षा करेगी।

एआईएएसएल, जो देश भर के 84 हवाई अड्डों पर लगभग 80 एयरलाइनों को सेवाएं प्रदान करती है और प्रतिदिन लगभग 650 उड़ानों का संचालन करती है, अब विरोध प्रदर्शन के समाधान के बाद अपने संचालन को स्थिर करने का लक्ष्य रखती है। कंपनी देश भर में 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है।

एयर इंडिया के परिचालन समायोजन का व्यापक संदर्भ

यह घटना एयर इंडिया के लिए महत्वपूर्ण परिचालन समायोजन के दौर में हुई है। इसी के साथ, एयरलाइन जून से अगस्त 2026 की अवधि के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय उड़ान कार्यक्रम को भी सुव्यवस्थित कर रही है। इस पुनर्गठन का कारण जेट ईंधन की रिकॉर्ड उच्च कीमतें और चल रहे हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों को बताया जा रहा है, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों की परिचालन लागत बढ़ गई है। नतीजतन, उत्तरी अमेरिका और यूरोप के कुछ गंतव्यों सहित कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अस्थायी निलंबन या उड़ानों की संख्या में कमी देखी गई है। उदाहरण के लिए, दिल्ली-शिकागो और मुंबई-न्यूयॉर्क मार्गों पर सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, और पेरिस, सिंगापुर और बैंकॉक जैसे शहरों के लिए उड़ानों में भी कटौती की गई है।

एयर इंडिया ने संकेत दिया है कि प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें, मुफ्त तिथि परिवर्तन या पूर्ण वापसी की पेशकश की जाएगी, क्योंकि एयरलाइन अपने नेटवर्क को स्थिर करने और व्यवधानों को कम करने के लिए इन परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है।

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