बलरामपुर, उत्तर प्रदेश: भीषण गर्मी का कहर जारी है और इसी बीच बलरामपुर से एक चिंताजनक खबर आई है। जिले के एक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की आठ छात्राओं की तबीयत गर्मी और उमस के कारण बिगड़ गई, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर में स्थित कस्तूरबा विद्यालय की करीब एक दर्जन छात्राओं को अचानक बेचैनी महसूस होने लगी। इनमें से आठ को एम्बुलेंस द्वारा जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सक डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि तीन छात्राएं बेहोशी की हालत में थीं, जबकि बाकी पांच को भी उल्टी, चक्कर आने और सिरदर्द जैसे लक्षण थे। सभी छात्राओं का इलाज चल रहा है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी विपिन जैन के आदेश पर पूरे जिले के सभी कस्तूरबा स्कूलों को भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही, चिकित्सकों की एक टीम को विद्यालय भेजा गया ताकि वहां मौजूद अन्य छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की जा सके।
यह घटना पूरे उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के गंभीर प्रभाव को दर्शाती है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण हीट-स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गर्मी से संबंधित बीमारियों के मामलों में भारी वृद्धि देखी जा रही है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
गर्मी के प्रकोप को देखते हुए प्रदेश भर में स्कूलों के समय में बदलाव, सुबह जल्दी कक्षाएं चलाना और गर्मी की छुट्टियों को बढ़ाना जैसे कई उपाय किए गए हैं ताकि बच्चों को अत्यधिक गर्मी से बचाया जा सके।
बलरामपुर के जिला अस्पताल ने भी गर्मी से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं। यहां विशेष कोल्ड वार्ड बनाए गए हैं, गर्मी से बीमार मरीजों के लिए अलग बिस्तर आरक्षित रखे गए हैं, और ओआरएस, आइस-पैक और अन्य आवश्यक दवाएं व उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। मरीजों को अस्पताल परिसर में भी गर्मी से राहत मिले, इसके लिए एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर और बैनर के माध्यम से सावधानियां बताई जा रही हैं, जैसे कि दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचना और खूब पानी पीना।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस लगातार पड़ रही भीषण गर्मी का जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है और सामान्य गतिविधियों में बाधा आ रही है। बच्चों और बुजुर्गों जैसे कमजोर वर्ग के लोगों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी जनता से आग्रह कर रहे हैं कि वे इस चरम मौसम के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
