जम्मू-कश्मीर: बुखारी की ‘जनता की बात’, वंशवाद पर ‘जोरदार मात’

ब्लॉगजम्मू-कश्मीर: बुखारी की 'जनता की बात', वंशवाद पर 'जोरदार मात'

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बदलाव की हवा: अल्ताफ बुखारी ने वंशवाद को किया खारिज, जनता को दी तरजीह

श्रीनगर, 6 मई: जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने सूबे की राजनीति में एक नई दिशा देने का आह्वान किया है। उन्होंने वंशवादी राजनीतिक व्यवस्था और भ्रामक चुनावी रणनीतियों को सिरे से खारिज करते हुए जनता-केंद्रित राजनीति पर ज़ोर दिया है। बुखारी का मानना है कि राजनीति में परिवारवाद का कोई स्थान नहीं होना चाहिए, बल्कि योग्य और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

बुखारी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘अपनी पार्टी’ की स्थापना ही समावेशी सिद्धांतों पर हुई है, जहाँ आम कार्यकर्ता भी नेतृत्व तक पहुँच सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी व्यक्ति की हैसियत उसके पारिवारिक संबंधों से नहीं, बल्कि उसकी निष्ठा और सेवा भाव से तय होगी। उनका लक्ष्य दिल्ली में जम्मू-कश्मीर के लोगों की आवाज़ बनना है, न कि केंद्र सरकार के लिए यहां का बिचौलिया बनना।

नवीनतम चुनावी प्रक्रियाओं, खासकर 2024 के चुनावों पर निशाना साधते हुए, बुखारी ने कहा कि कई अभियानों में जनता को गुमराह करने और भावनात्मक ध्रुवीकरण का सहारा लिया गया। उन्होंने चिंता जताई कि चुनाव अब धर्म के आधार पर लड़े जा रहे हैं, जो जम्मू-कश्मीर जैसे ऐतिहासिक रूप से धर्मनिरपेक्ष क्षेत्र के लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए बेहद हानिकारक है।

बुखारी ने पश्चिम बंगाल की चुनावी स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप आम बात है, लेकिन एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की आवाज़ का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कुछ चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे किसी भी कदम का विरोध किया जाना चाहिए जो समुदायों को मताधिकार से वंचित कर सके।

सामाजिक मुद्दों पर बात करते हुए, बुखारी ने जम्मू-कश्मीर में शराब पर प्रतिबंध लगाने की अपनी पार्टी की पुरानी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अगर गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में यह संभव है, तो जम्मू-कश्मीर में भी इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ चल रहे अभियानों का समर्थन करते हुए इसे समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक गंभीर खतरा बताया।

सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए, बुखारी ने कहा कि अप्रैल 2025 की पहलगाम घटना के बाद भी, युस्मर्ग और दुधपथरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आवाजाही प्रतिबंधित है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन क्षेत्रों में पर्यटन को पूरी तरह से बहाल करने और सामान्य स्थिति लाने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने का आग्रह किया।

बुखारी ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी जैसी पार्टियों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियाँ अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जनता को गुमराह करती हैं और अपने गठबंधनों व फैसलों में पाखंड दिखाती हैं।

अंत में, बुखारी ने जोर देकर कहा कि ‘अपनी पार्टी’ का मुख्य ध्यान सुशासन, पारदर्शिता और जनता के कल्याण पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से उम्मीद बनाए रखने और क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles