श्रीनगर, 1 जून: जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में हवाई यातायात पर इस साल जुलाई से सितंबर तक हर हफ्ते दो दिन असर पड़ेगा। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इन तीन महीनों के दौरान हर सोमवार और मंगलवार को यात्री विमानों का संचालन बंद रहेगा। यह फैसला रनवे की मरम्मत के काम को पूरा करने के लिए लिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हवाई अड्डे पर रनवे को फिर से बनाने का काम चल रहा है। इसी काम की वजह से पिछले दिनों हज यात्रियों को सऊदी अरब से लौटने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब इस काम को अंतिम रूप देने के लिए यह नई समय-सारणी जारी की गई है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के श्रीनगर निदेशक, जावेद अंजुम ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि तय किए गए दिनों में हवाई अड्डे पर विमानों का परिचालन नहीं हो पाएगा। अंजुम ने कहा, “हमें यह सूचना मिली है कि रनवे की मरम्मत के काम के चलते जुलाई, अगस्त और सितंबर के हर सोमवार और मंगलवार को यात्री विमानों का संचालन निलंबित रहेगा।”
यह नया निर्देश भारतीय वायु सेना द्वारा फरवरी में जारी किए गए एक पुराने नोटिस से अलग है। उस नोटिस में 1 अगस्त से 15 अक्टूबर तक हर शनिवार और रविवार को रनवे के नवीनीकरण के काम के लिए हवाई अड्डे को बंद रखने की बात कही गई थी। हालाँकि, अब हवाई अड्डे के अधिकारियों ने परिचालन बंद रखे जाने वाले दिनों में बदलाव की पुष्टि की है।
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे की मरम्मत का काम कई चरणों में चल रहा है। इससे पहले, अप्रैल से जुलाई के बीच भी इन आवश्यक रखरखाव गतिविधियों को पूरा करने के लिए उड़ान संचालन के समय में कटौती की गई थी। भारतीय वायु सेना की ओर से जारी एक ‘नोटिस टू एयरमेन’ (NOTAM) में यह बताया गया था कि अप्रैल की शुरुआत में शुरू होने वाले रनवे के काम के कारण 6 अप्रैल से 31 जुलाई तक हर दिन शाम 5 बजे तक ही नियमित उड़ानों का संचालन संभव होगा। एएआई श्रीनगर ने भी अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस जानकारी को साझा किया था।
रोजाना के परिचालन घंटों में कटौती से पहले, यह हवाई अड्डा आमतौर पर सुबह 8 बजे से रात 10 बजे के बीच प्रतिदिन लगभग 60 विमानों की आवाजाही (आगमन और प्रस्थान दोनों) को संभालता था। हालांकि दैनिक परिचालन घंटों को शाम 5 बजे तक सीमित कर दिया गया था, फिर भी हवाई अड्डे ने इस संशोधित समय-सीमा के भीतर उड़ानों की संख्या बनाए रखने या बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है।
फिलहाल, श्रीनगर हवाई अड्डे पर प्रतिदिन औसतन 35 से 40 विमानों का आगमन होता है। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने पहले संकेत दिया था कि भले ही परिचालन के लिए ‘वॉच आवर्स’ (संचालन के घंटे) कम कर दिए गए हैं, लेकिन उड़ानों की संख्या नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अनुसूची के अनुसार ही होने की उम्मीद है। एयरलाइंस से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने उड़ान कार्यक्रम को नए निर्धारित समय के भीतर ही संचालित करें।
अधिकारियों ने आगे बताया कि सितंबर के बाद हवाई अड्डे के परिचालन की स्थिति के बारे में अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।
