श्रीनगर में संपन्न हुआ पहला पीटीएफ इंडिया ओपन अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप, भारत में खेल के विकास की ओर एक अहम कदम
श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर – मंगलवार को श्रीनगर में पहले पीटीएफ इंडिया ओपन अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप का सफलतापूर्वक समापन हुआ। चार दिवसीय इस आयोजन ने भारत में पेशेवर ताइक्वांडो के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। शेर-ए-कश्मीर इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के 400 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रोफेशनल ताइक्वांडो फेडरेशन इंडिया (पीटीएफ इंडिया) द्वारा आयोजित इस चैंपियनशिप में विभिन्न राज्यों के साथ-साथ छह देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश में ताइक्वांडो को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करना था।
समापन समारोह में प्रोफेशनल ताइक्वांडो फेडरेशन के अध्यक्ष ग्रैंडमास्टर रिक डब्ल्यू. शिन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सीएआरईएस की अध्यक्ष डॉ. सेल्मा ली विशिष्ट अतिथि थीं। इनके अलावा, टूर्नामेंट निदेशक ग्रैंडमास्टर केविन वून, रेफरी चेयरमैन मास्टर ली वान यंग और पीटीएफ इंडिया के अध्यक्ष ग्रैंडमास्टर अतुल पंगोत्रा भी इस अवसर पर मौजूद थे।
ग्रैंडमास्टर रिक डब्ल्यू. शिन ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने भारत में पेशेवर ताइक्वांडो के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत में इस खेल के विकास की अपार संभावनाएं हैं। डॉ. सेल्मा ली ने खिलाड़ियों के समर्पण की सराहना की और ऐसे आयोजनों को स्वस्थ जीवन शैली और वैश्विक मित्रता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण बताया।
ग्रैंडमास्टर अतुल पंगोत्रा ने प्रोफेशनल ताइक्वांडो फेडरेशन, जम्मू और कश्मीर खेल परिषद, प्रायोजकों, अधिकारियों और स्वयंसेवकों का उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस चैंपियनशिप को देश में भविष्य की अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत नींव करार दिया।
प्रतियोगिता के परिणामों में, जम्मू और कश्मीर समग्र चैंपियन बनकर उभरा, जिसने अपनी मेजबानी का भरपूर लाभ उठाया। झारखंड दूसरे स्थान पर रहा, जबकि लद्दाख ने तीसरा स्थान हासिल किया। ओडिशा की टीम को उनके सक्रिय भागीदारी और खेल भावना के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पदक, ट्राफियां और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
आयोजकों ने रेफरी, स्वयंसेवकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगी भागीदारों के योगदान को भी सराहा। इस आयोजन को जम्मू और कश्मीर खेल परिषद, ‘माई यूथ माई प्राइड’ पहल और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के सहयोग से आयोजित किया गया था।
जम्मू और कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी, श्रीनगर, इस ऐतिहासिक खेल आयोजन का गवाह बनी। उत्तरी भारत के इस मनोरम केंद्र ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए एक प्रेरणादायक पृष्ठभूमि प्रदान की।
इस चैंपियनशिप ने अनुशासन, उत्कृष्टता, युवा सशक्तिकरण और स्वस्थ जीवन जैसे मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसने खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और बहुमूल्य प्रतिस्पर्धी अनुभव प्राप्त करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया।
यह आयोजन भारत में पेशेवर ताइक्वांडो के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पीटीएफ इंडिया के देश भर में खेल का विस्तार करने और उभरती प्रतिभाओं को पोषित करने के प्रयासों को रेखांकित करता है। अधिकारियों ने भविष्य के संस्करणों के लिए इस सफलता पर आगे बढ़ने की आशा व्यक्त की।
छह देशों के खिलाड़ियों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को एक वैश्विक आयाम दिया, जिससे युवा खिलाड़ियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला। कुशल रेफरी और सुचारू संगठन सहित आयोजन के सुचारू संचालन की अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों ने भी सराहना की।
