दिल्ली: दो बुज़ुर्गों का अंत, रहस्य बना मौन!

भारतदिल्ली: दो बुज़ुर्गों का अंत, रहस्य बना मौन!

नई दिल्ली: मध्य दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर इलाके में गुरुवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक घर से दो बुजुर्ग महिलाओं के शव बरामद हुए। पुलिस की शुरुआती जांच में घर में किसी भी तरह के जबरन घुसने या छेड़छाड़ के निशान नहीं मिले हैं। माना जा रहा है कि दोनों महिलाओं की मौत स्वाभाविक कारणों, संभवतः उम्र संबंधी बीमारियों की वजह से हुई है।

मृतक महिलाओं की पहचान सरोज बाला और चंद्र कांता के तौर पर हुई है। सरोज बाला अविवाहित थीं, जबकि चंद्र कांता उनकी विधवा भाभी थीं। दोनों की उम्र करीब 80 साल बताई जा रही है। दोनों महिलाएं पेंशनभोगी थीं और पिछले कई सालों से इसी घर में साथ रह रही थीं। उनके कुछ रिश्तेदार पश्चिम दिल्ली में रहते हैं।

यह घटना तब सामने आई जब गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे एक घरेलू सहायिका को घर से बदबू आने लगी। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस के अनुसार, जिस घरेलू सहायिका ने इस घटना की जानकारी दी, उसने दो दिन पहले ही दोनों महिलाओं के लिए चाय बनाकर उन्हें दी थी।

पुलिस उपायुक्त (मध्य) मधुर वर्मा ने बताया, “ये बुजुर्ग महिलाएँ थीं जो यहाँ अकेली रह रही थीं। घटना की सूचना करीब सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच घरेलू सहायिका द्वारा दी गई। वही सहायिका दो दिन पहले उन्हें चाय बनाकर दे गई थी।” उन्होंने यह भी बताया कि चाय के कप मौके पर मिले हैं और किसी भी तरह के संघर्ष या जबरन घुसने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पूरी तरह से खुलासा होने की उम्मीद है। पश्चिम दिल्ली में रहने वाले मृतकाओं के रिश्तेदारों से संपर्क साधा गया है और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी घटना का सच सामने आएगा।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों महिलाओं को एक कमरे में मृत पाया। एक महिला बिस्तर पर और दूसरी फर्श पर मिली। घर से आ रही बदबू इस बात का संकेत दे रही थी कि महिलाओं की मौत घटना से एक-दो दिन पहले हुई होगी। पड़ोसियों ने भी बताया कि उन्होंने हाल के दिनों में दोनों महिलाओं को घर से बाहर नहीं देखा था।

जिस घर से शव बरामद हुए हैं, वह एक मंजिला इमारत है और इसमें चार प्रवेश द्वार हैं। पुलिस ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन किसी भी तरह के जबरन घुसने, सामान के अस्त-व्यस्त होने या संघर्ष के निशान नहीं मिले। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या महिलाएं उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थीं या वे अकेलेपन में रह रही थीं और उनके आसपास तत्काल पारिवारिक सहायता उपलब्ध नहीं थी।

पड़ोसियों और स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि मौत के समय और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में किसी भी तरह की अनहोनी का कोई सीधा संकेत नहीं मिला है, लेकिन पुलिस हर संभव पहलू की जांच कर रही है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु और प्राकृतिक चिकित्सा संबंधी जटिलताएं शामिल हैं। यह जांच अभी जारी है।

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