दिल्ली में चरस का जखीरा, 24 करोड़ पार, तीन अंदर!

भारतदिल्ली में चरस का जखीरा, 24 करोड़ पार, तीन अंदर!

दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग का बड़ा एक्शन: 24 करोड़ से ज्यादा की चरस जब्त, तीन गिरफ्तार

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। बैंकॉक से आने वाले यात्रियों के पास से करीब 24 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की चरस (मारिजुआना) जब्त की गई है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी बरामदगी 4 मई को हुई। एक उज्बेकिस्तान के नागरिक को गुप्त सूचना के आधार पर रोका गया। जब उसके सामान की तलाशी ली गई, तो ट्रॉली बैग से चरस से भरे 12 पाउच मिले। इस चरस का वजन 18.003 किलोग्राम से अधिक था और इसकी अनुमानित कीमत करीब 18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। उस यात्री को 5 मई को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके बाद, 6 मई को एक और मामला सामने आया। बैंकॉक से ही आने वाले एक भारतीय यात्री को ‘ग्रीन चैनल’ से गुजरने के दौरान शक के आधार पर रोका गया। उसकी विस्तृत तलाशी लेने पर ट्रॉली बैग के अंदर से हरे रंग के पदार्थ से भरे 11 पाउच मिले। इस जब्त की गई चरस का वजन 5.467 किलोग्राम था और इसकी अवैध बाजार कीमत लगभग 5.46 करोड़ रुपये आंकी गई। यात्री को NDPS एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

तीसरी बरामदगी 3 मई को हुई, जिसमें बैंकॉक से आ रहे एक अन्य भारतीय यात्री को टर्मिनल 3 पर प्रोफाइलिंग के आधार पर रोका गया। उसके सामान की जांच में चरस के चार पाउच मिले। जब्त किए गए पदार्थ का वजन 977 ग्राम था और इसकी कीमत लगभग 97.77 लाख रुपये थी। मौके पर की गई जांच में इस पदार्थ को चरस ही पाया गया। इस यात्री को भी NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया और मामले की आगे की जांच जारी है।

हवाई अड्डे पर कस्टम अधिकारियों की यह सक्रियता नशे की तस्करी को रोकने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हवाई यात्रा के मार्गों से अवैध पदार्थों की आवाजाही को रोकना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए कड़ी निगरानी और खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों की आवश्यकता होती है। इन बरामदगियों से पता चलता है कि देश में अवैध सामानों के प्रवेश को रोकने के लिए अधिकारी कितनी मेहनत कर रहे हैं।

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985, नशीले पदार्थों के कारोबार पर सख्त नियंत्रण रखता है। इस कानून के तहत ऐसे पदार्थों को रखना, बेचना, खरीदना, परिवहन करना और सेवन करना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए लंबी कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई ये गिरफ्तारियां इसी कानून के उल्लंघन का नतीजा हैं, जिसका मकसद देश में नशे के फैलते जाल को रोकना है।

इस तरह की सफल बरामदगियों के लिए आधुनिक जांच तकनीकों, मजबूत खुफिया नेटवर्क और कस्टम विभाग जैसे जमीनी स्तर पर काम करने वाले एजेंसियों के समर्पण की अहम भूमिका होती है। हवाई अड्डे के अधिकारी यात्रियों के सामान और माल के जरिए होने वाली नशीले पदार्थों, सोने और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहे हैं। ये हालिया जब्तियां इन उपायों की प्रभावशीलता का प्रमाण हैं।

तीनों मामलों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। अधिकारी जब्त की गई चरस के स्रोत, भारत में उसके गंतव्य और किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से उसके संबंध का पता लगाने की कोशिश करेंगे। तस्करों के तौर-तरीकों को समझना और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य है। देश की सीमाओं को अवैध व्यापार से सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है।

इन बरामदगियों से उन तस्करों को बड़ा झटका लगा है जो अपने अवैध कामों के लिए हवाई मार्गों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे। जब्त की गई चरस की भारी कीमत उसकी क्षमता और अवैध बाजार में उसकी मांग को दर्शाती है। अधिकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए ऐसे पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए अपनी निगरानी और प्रवर्तन अभियानों को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कस्टम अधिकारियों द्वारा पदार्थों को अलग करने और परीक्षण करने के साथ-साथ त्वरित गिरफ्तारियों ने खतरों का पता लगाने के लिए एक समन्वित प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया है। हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर प्रतिबद्धता और उसकी सक्रिय भूमिका हवाई अड्डे को एक सुरक्षित पारगमन केंद्र के रूप में बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों और उनकी कथित संलिप्तता के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध होगी, आगे के विवरण सामने आने की उम्मीद है।

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